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वर्ल्‍ड टूरिज्‍म डे 2021- nibhandh, theme, History , Importance ! world tourism day in hindi




हमेशा चलते रहना, किन्‍तु ठहरना उस सीमा पर जिसके आगे राह नहीं।

वर्ल्‍ड टूरिज्‍म डे 2021 को पूरी दुनिया माना रही है इंसान  ने आरंभ से ही यात्राओं का सिलसिला प्रारंभ कर‍
दिया। मानव की कल्‍पना
, रूचि , जिज्ञासा और साहस पर्यटन के लिए उसे सदैव
प्रेरित करता रहा है। पर्यटकों ने केवल नये एवं रोमान्‍चक अनुभवों के लिए ही
यात्राएं की। साथ पर्यटन में भावात्‍मक एकता
, लोगों के रहन
सहन तौर तरीके भाषा संस्‍कृति एवं खान पान का प्रत्‍यक्ष दर्शन करना आसान हो जाता
हैं। 
सामान्‍य देखें तो पर्यटन के लिए व्‍यकित अपने स्‍थान से
पैसे कमाता है और उस पैसे का उपयोग किसी दूसरे स्‍थान की यात्रा के लिए खर्च करता
है।

world tourism day in hindi
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विश्व पर्यटन दिवस(world tourism day) का इतिहास एवं शुरूआत-

विश्व पर्यटन दिवस(world tourism day) 27 सितंबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन(United nation world tourism organization) के द्वारा किया गया । 

1970 में UNWTO ने इस कानून को पास किया । वैश्विक पर्यटन (Tourism) को बढ़ावा देने के प्रयास के लिए इसकी शुरूआत कि गई। प्रथम विश्‍व पर्यटन दिवस का थीम first world tourism day 1980 का Theme “सांस्कृतिक विरासत और शांति और आपसी समझ के संरक्षण के लिए पर्यटन का योगदान” था।


विश्व पर्यटन दिवस (world Tourism day) का उद्देश्य ! why world tourism day is celebrated-

विश्व पर्यटन दिवस (world Tourism day) को मनाने का उद्देश्य 

  • विश्व
    में पर्यटन के प्रति जागरूकता फैलाना एवं पर्यटन वैश्विक रूप से
    , सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक महत्‍वों को बढ़ाने में तथा आपसी समझ
    बढ़ाने में।
     
  • सारे विश्‍व को एक साथ भावात्‍मक रूप से जाड़ना । 

world tourism day 2021- 

  • अंतरराष्ट्रीय पर्यटन दिवस कब मनाया जाता है-27 September
  • विश्व पर्यटन संगठन की स्थापना-1980
  • विश्व पर्यटन दिवस 2021 की थीम-
  • विश्व पर्यटन दिवस 2020 की थीम-“Tourism and Rural Development 

World tourism day theme 2021- 

  • 2018 the theme was “Tourism and the Digital Transformation”.
  • 2019 the theme was “Tourism and Jobs: a better future for all”
  • 2020 the theme was: “Tourism and Rural Development”.

world Tourism day 2021 essay विश्‍व पर्यटन दिवस 2021 पर निबंध 

Content-

  • वर्ल्‍ड
    टूरिज्‍म डे
     –
  • भारत में पर्यटन का महत्व-
  • भारत में पर्यटन का इतिहास-
  • पर्यटन क्‍या है?
  • पर्यटन का उद्देश्‍य-
  • अन्‍तर्राष्‍ट्रीय एवं विदेशी पर्यटक-
  • निष्‍कर्ष-

वर्ल्‍ड टूरिज्‍म डे

भारत में भी भ्रमण की प्रथा आदिकाल से ही थी। भारत में
गुरू शंकराचार्य ने चारों कोनों पर चार धाम की स्‍थापना करते हुए पर्यटन 
(Tourism) का विकास
में अपना योगदान दिया है क्‍योंकि मान्‍यता है कि इन तीर्थों के दर्शन से मोक्ष की
प्राप्ति होती है।

भारत में पर्यटन का महत्व Importance of tourism in india-

भारत को त्‍यौहारों का देश कहा जाता है और यहां पर हर
दूसरे दिन कोई न कोई तीज त्‍यौहार होता है। भारतीयों की इसी धार्मिक प्रवृत्ति का
ख्‍याल रखते हुए प्रत्‍येक राजा महाराजा ने समयानुसार मन्दिर
, मस्जिद, गुरूद्वारा, चर्च आदि का निर्माण कराया  जिससे भारत को सर्वधर्म की कर्मस्‍थली का गौरव
प्राप्‍त है।जिसके कारण इस महाद्वीप पर विश्‍व के साभी भागों से लागे आये और उनका
उद्देशय धार्मिक ज्ञान और आध्‍यात्मिक सुख प्राप्‍त करना था। यहां सभी धर्मों के
पर्यटकों के लिए भारत विशेष आकर्षण का केन्‍द्र रहा है जहां एक ओर हिन्‍दू धर्म
मोक्ष प्राप्ति करने हेतु चार धाम बद्रीनाथ
, द्वारका,
रामेश्‍वरम एवं जगन्‍नाथपुरी हैं तो मुस्लिम धर्म को मानने वालों के
लिये ताज
, उल-‍मस्जिद, जामा मस्जिद , अजमेर की दरगाह, मक्‍का मस्ज्दि, है। ईसा के अनुयाइयों के लिये
दक्षिण भारत में कर्नाटक की सीमा में सभी चर्च
, तमिलनाडु,
केरल एवं आध्रंप्रदेश के चर्च शामिल है तथा उत्‍तर भारत के सभी चर्च
सम्मिलित हैं। इसके साथ बौद्ध धर्म को मानने वाले पर्यटकों के लिये लुम्बिनी
,
सारनाथ,कुशीनगर, बौद्धगया
आदि प्रमुख पयैटक स्‍थल हैं जो घेरेल एवं विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्‍द्र
है।

भारत में पर्यटन का इतिहास Tourism history in india –

भारत विविधता में एकता को दर्शाने के लिए पर्यटन की
दृष्टि से काफी महत्‍वपूर्ण क्षेत्र  है।
यह पर्यटकों के लिए पर्यटन 
(Tourism) के विविध एवं आकर्षक आयाम प्रस्‍तुत करता है। ट्वेन ने
कहा है-
हिन्‍दूस्‍तान
वह देश है कि जिसे देखने के लिए सब लालायित रहतें है। और इस‍की एक झलक देख लेने के
बाद दुनिया के अन्‍य सभी दृश्‍य फीके पड़ जाते हैं।

भारत में स्‍वतंत्रता के पश्‍चात पर्यटन के विकास के
क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण क्रांति आई। भारत पर्यटन विकास निगम की स्‍थापना 1 अक्‍टूबर
1966 को की गई। पर्यटन विभाग जून 1991 तक स्‍वतंत्र मंत्रालय था परन्‍तु बाद में
इसे
नागर
विमानन मंत्रालय
के साथ सम्‍बद्ध कर दिया गया था एक राज्‍य
मंत्री को इस विभाग का प्रभारी बना दिया गया।  इसके उपरान्‍त 23 मई 1998 में पर्यटन विभाग को
एक स्‍वतंत्र मंत्रालय पर्यटन मंत्रालय घोषित कर दिया गया । इसके बाद  पर्यटन उद्योग के गति को बढ़ाने से विकास के लिए
साल 1999 को भारत देखो सहस्‍त्रादि वर्ष घोषित किया गया।

पर्यटन (Tourism) क्‍या है? What is turism

पर्यटन से आशय उन अल्‍पकालिक
एवं अस्‍थाई यात्राओं से है जो अपने सामान्‍य निवास स्‍थान अथवा नौकरी पेशे के स्‍थान
से बाहर
, आमोद प्रमोद की क्रिया जो आनन्‍द
प्राप्ति के लिए किए गए सभी क्रियाकलापों को शामिल करता है।

पर्यटन शब्‍द की उत्‍पत्ति
अग्रेजी भाषा में टूअर
Tour शब्‍द
से है जो लैटिन के टारनोस
Tornos
से लिया गया है जिसका अर्थ एक ऐसे औजार से है जो एक पहिये की भांति गोलाकार
होता है। इसी शब्‍द ये यात्रा चक्र या पैकेज टूर यानी एकमुश्‍त यात्रा के विचार का
सृजन हुआ है।

मान्‍यता के अनुसार टूअर शब्‍द
तोराह से लिया गया है जिसका अर्थ अध्‍ययन एवं खोज होता है। तोराह यहूदियों के
विधान से सम्‍बधित है। इसके अनुसार  यात्री
किसी विशेष स्‍थान पर जाकर खोज करता है। ठीक इसी प्रकार एक पर्यटक की जिज्ञासा
होती है कि वह उस स्‍थान के सम्‍बन्‍ध में अर्जित करे जिसके सम्‍बन्‍ध में सुना
तथा साथ ही उसको व्‍यापार व रोजगार की सम्‍भावनाओं के सम्‍ब्‍न्‍ध में जानकारी
, स्‍वास्‍थ्‍य
व शिक्षा लाभ
, पर्यावरण व मनोरंजन से सम्‍बन्धित सम्‍पत्ति
के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्‍त करने की जिज्ञासा रहती है।

पर्यटन (Tourism) शब्‍द के अन्‍तर्गत वे
समस्‍त व्‍यापारिक क्रियाए आती हैं जो कि यात्रियों की आवश्‍यकताओं की पूर्ति करती
है। किसी भी यात्रा का पर्यटन से सम्‍पर्क स्‍थापित हो जाता है यदि वह निम्‍न
शर्ते पूरी करती हों।

  • यात्रा अस्‍थाई हो।
  • यात्रा ऐच्छिक हो।

यात्रा का उद्देश्‍य किसी
प्रकार का परिश्रमिक अर्जित करना नहीं होना चाहिए।

पर्यटन , देशाटन, र्तीर्थाटन
का अर्थ-

  • पर्यटन – इसका अर्थ है आराम और
    ज्ञान प्राप्ति के लिए यात्रा करना
    ,
  • देशाटनविदेशों
    में मुख्‍यत: आर्थिक लाभ के लिए यात्रा करना।
  • तीर्थाटन- धार्मिक लाभ के लिए
    यात्रा करना।
  • पर्यटक- पर्यटक वह व्‍यक्ति है
    जो कि जानकारी हासिल करने तथा मनोरंजन करने के लिए यात्रा करता है ताकि अन्‍य व्‍यक्तियों
    को अपनी यात्रा का वर्णन दे सके।

पर्यटन (Tourism) का उद्देश्‍य-




  • शिक्षा प्राप्ति एवं सांस्‍कृतिक
    जानकारी एवं अवलोकन करने के लिए।
  • देश की सुन्‍दरता एवं प्राकृतिक
    एवं कृत्रिम अवलोकने के लिए।
  • आधुनिक घटनाओं को समझने के‍ लिए।
  • कला , विज्ञान, तकनीकी
    उपलब्धि जानने के लिए।
  • धार्मिक एवं ऐतिहासिक कारण
  • सामाजिक व्‍यवस्‍था का अवलोकन करने
    के लिए।
  • स्‍वास्‍थ्‍य, जलवायु
    के लिए।
  • खेलकुद एव आनंद प्राप्ति के लिए।
  • प्रेरणा प्राप्ति के लिए।
  • व्‍यापार के लिए।
  • राज‍नयिक कारण ।

अन्‍तर्राष्‍ट्रीय एवं विदेशी पर्यटक-

विदेशी पर्यटकों से आश्य देश की
सीमा के बाहर यात्रा करने वालों से है विदेशी पर्यटकों को अनराष्‍ट्रीय पर्यटक भी कहते
हे। इस प्रकार वे पर्यटक जो अपने देश की सीमाओं के बाहर ही अपने पर्यटन सम्‍ब्‍न्‍धी
कार्य कलाप पूर्ण करे
, विदेशी पर्यटक कहलाते हैं। विदेशी पर्यटक
जो दूसरे देश में जाते है उसे दस देश की करेंसी का प्रबन्‍ध
Currency management, पासपोर्ट Passport, वीसा VISA, भाषा का ज्ञान,
स्‍वास्‍थ्‍य सम्‍बन्‍धी प्रमाण प्रत्र आदि की अनिवार्य जरूरत होती है।

अन्‍त में (निष्‍कर्ष)

 पर्यटन (Tourism)  भविष्‍य
में और भी महत्‍वपूर्ण उद्योग के रूप में उभरेगा और विश्‍व की अर्थव्‍यवस्‍था में
इसका महत्‍वपूर्ण योगदान है । सरकार लगातार इसके विकास के लिए आवश्‍यक कदम उठा रही
है।
हमें बाहर से आने वालेे पर्यटकों का अतिथी सत्‍कार करना चाहिए। जिससे वे हमारे देश को अच्‍छे से समझ सकें। वर्ल्‍ड टूरिज्‍म डे 2021 की हार्दिक शुभकामनाएं सभी को।

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