real estate me invest kaise kare ! रियल स्‍टेट में इन्‍वेंट कैसे करें

real estate me invest kaise kare
real
estate
में पैसा कैसें लगायें ! real estate kya hota hai ! real estate business kya hota hai

इस पोस्‍ट में  रियल स्‍टेट में इन्‍वेंट कैसे करें मे बारे में आसन एवं कम शब्‍दों में बताया गया। 

real estate में पैसा लगाने के चार तरीके होते
हैं-




विकसित क्षेत्र में जमीन खरीदना-

अगर कोई पैसा लगाने वाला जमीन
पर पैसा लगा कर कर  उसे खरीदता है तो उसे किराए
पर दिए जाने तक वह टैक्‍स से बचा रहता है। इस प्रकार से कुछ सालों तक जमीन को होल्‍ड
करके रखने पर आगे कीमतें बढ़ने पर अच्‍छा लाभ मिलता है। इसमें कम से कम 2 से 3 साल
तक तो रखना  ही पड़ेगा।संपत्ति कर अधिनियम 1957
के सेक्‍शन 5
(6) के अंतर्गत मूल्‍यांकन
वर्ष 1999-2000 से सभी व्‍यक्तियों और
HUF को प्राइवेट घर
के लिए एक घर के साथ- साथ 500 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक का खाली भूखंड रखने की भी पूरी-
पूरी छूट का प्रावधान किया गया हैं।

नोट- real estate में इस प्रकार
की संपत्ति को किसी प्रकार के झगड़े या विवाद में नहीं होनी चाहिए और यह जरूर सुनिश्‍चत
करें कि संपत्ति बेचनेवाला व्‍यकित उसका कानुनन मालिक है। वह जमीन या घर किसी सरकारी
प्रोजेक्‍ट जैसे नेश्‍नल हाइवे
, रेलमार्ग, एयरपोर्ट आदि के क्षेत्र में नहीं आना चाहिए।

 

किसी बिल्‍डर की बिल्‍डींग
प्रोजेक्‍ट में घर खरीदना या
flat खरीदना।-

Flat हमेशा ऑफर स्‍कीम लॉन्‍च होन से पहले बुक कराना चाहिए। इसमें
कम पैसों की जरूरत होती है।ऐसी ज्‍यादातर प्रोजेक्‍ट स्‍कीम अपनाकर चलाई जाती हैं।
इनमें आप अच्‍छा लाभ अर्जित कर सकते हैं। अगर आप बैंक से लोन लेते हैं तो आपको बिल्‍डिंग
की निमा्रण प्रक्रिया पूर्ण होने तक ही किस्‍त चुकानी पड़ेगी। कार्य पूर्ण होने के
बाद कीमत बढ़ते ही आप उसे बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।

रेडी
कंन्‍डीशन घर खरीदना।

स्‍वयं
का घर हो जाने से महान मालिक के दबाव की समस्‍या नहीं रहती है। साभ ही आए दिन मकान
मालिक द्वारा किराया बढ़ा दिए जाने का चिंता भी नहीं रहता। घर खरीदकर उसे किराए में
देकर भी 3 से 5 प्रतिशत तक आय अर्जित कर सकते हैं।

व्‍यापार
के उद्येश्‍य से बनाएं संपत्ति को खरीदना।

ऑफिस
शोरूम या दुकान आदि में निवेश करना अपेक्षाकृत ज्‍यादा अचछा होता है। ऐसी संपति में
एक ओर किराए से होने वाली आय भी ज्‍यादा होती है और दूसरी और प्रॉपर्टी की कीमत में
भी ज्‍यादा वृद्धि होती है
, लेकिन प्राय: पूंजी पति निवेशक ही ऐसी प्रॉपर्टी में निवेश
करते हैं।




ऑफिस
या दुकान जैसी
real estate property में
पैसा लगाने का बड़ा फायदा यह होता है कि इससे किराए के रूप में होने वाली आय आवसीय
प्रॉपर्टी की अपेक्षा कहीं ज्‍यादा होती है। आवासीय प्रॉपर्टी से किराए के रूप में
1.5 से 2.5 प्रतिशत तक आय अर्जित की जा सकती है जबकि आफिस आदि कॉमर्शियल प्रॉपर्टी
से आप किराए के रूप में 7 से 8 प्रतिशत तक कमा सकते हैं। यदि आप 30 प्रतिशत के स्‍टैंडर्ड
डिडक्‍शन की श्रेणी में आते हैं तो आपका लाभ प्रतिशत या रिटर्न और भी बढ़ जाता है।
किराए से होने वाली आय 5 से 7 प्रतिशत सालाना तक बढ़ जाती है। और समय के साथ -साथ प्रॉपर्टी
की कीमता भी बढ़ती रहती है
, इतना जरूर है कि कीमत बढ़ने की दर घर प्रॉपर्टी की अपेक्षा
कम होती है।

real estate में भी
रिस्‍क एवं नुकसान –

real estate में पैसा
लगाने का यह नुकसान है कि अचानक नकदी की जरूरत पड़ने पर यदि आप उसे बेचना चाहें तो
उसमें काफी समय लग जाता है
, इस प्रकार कई बार जल्‍दबाजी में बहुत
कम कीमत पर उसे बेचना पड़ जाता है।इसके साथ प्रापर्टी की खरीद फरोख्‍त में धोखाधड़ी
की आशंका हमेशा बनी रहती है। कोई व्‍यकित प्रॉपर्टी के फर्जी कागजात तैयार कराकर कई
खरीददारों के हाथ बेच सकता ह। खुला जमीन होने कीस्थिति मे ंप्राय: कब्‍जे का कोई निश्चित
चिन्‍हांकन नहीं होता है । कई बार एजेंट या बिल्‍डर स्‍वयं एडवांस की रकम लेकर भाग
जाता है। इसके अलावा कई बार कोई अज्ञात दबंग व्‍यकित आकर प्रॉपर्टी पर कब्‍जा कर लेता
है। कभी कभी विक्रेता ऐसी प्रॉपर्टी को भी चेप देता है जिस पर कोर्ट द्वारा स्‍टे ऑडर
जारी किया गया होता है। इसके अलावा भुगतान के समय भी धोखाधड़ी की आशंका बनी रहती है।
अन्‍य पहलू में लगाये गये पैसे के अन्‍य विकल्‍पों की अपेक्षा इसमें ज्‍यादा रकम लगाने
की जरूरत पड़ती है।

  • लम्‍बे समय तक पैसा लगाकर हमेशा
    लाभ ऐसा जरूरी नहीं है। 25 से 30 वर्ष की अविधि तक प्रॉपर्टी शेयर की तरह अचछा मुनाफा
    देता है लेकिन
    real estate में मूल्‍य का उतार चढ़ाव होता रहता हैं।
    उदाहरण के लिए कोरोना एवं भारत मे डिमोनिटाइजेशन की स्थिति में कीमतों में गिरावट भी
    देखी गई हैं।
  • यह ध्‍यान रखें कि किसी दूर-दूराज
    के इलाके में आपको मकान तो सस्‍ता मिल सकता है
    , लेकिन वहां आपको ऑफिस
    आने जाने बच्‍चों के स्‍कूल आने जाने
    , वीकेंड शॉपींग आर सामाजिक
    समारोहों आदि में जाने आने पर ज्‍यादा खर्चा करना पड़ सकता है। किराए पर मकान लेना
    हो तो ऐसे स्‍थान पर लें जहां से आपको ऑफिस और बच्‍चों को स्‍कूल आने जाने में परेशान
    न हो।

 

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