भारत की जनगणना 2021 Bharat Ki Janganna

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भारत की जनगणना census of india 2011




भारत की जनगणना 2011

  • इसका
    निदेशक सी. चन्द्रमोली
    (महापंजीयक-जनगणना आयुक्त) को बनाया गया।
  • इसका
    ब्रांड एम्बेसडर सचिन तेंदूलकरप्रियंका  चोपड़ा को बनाया गया।
  • इसका
    शुभंकर एक प्रगणक शिक्षिका को बनाया गया।
  • इसका
    स्लोगन था
    हमारी जनसंख्या हमारा भविष्य
  • 30 अप्रेल
    2013 को इसके अंतिम आंकडे़ जारी किए गए। जबकि मणिपुर के सेनापति
    जिलो के
    3 उपखण्डो के वास्तविक आंकड़ो को शामिल करने के बाद 7 जनवरी 2014 को संशोधित व वास्तविक आंकड़े प्रकाशित
    किए गए।
  • 1 मार्च 2011 को भारत की जनसंख्या 1,21,08,54,977 थी जो अमेरिका,
    इंडोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्तान,
    बांग्लादेश व जापान की कुल जनसख्या के बराबर है।
  •  2001 से 2011 के मध्य भारत की जनसंख्या वृद्धि दर 17.7 प्रतिशत
    रही जो पिछली दशकीय वृद्धि दर (
    21.54%) से 4 प्रतिशत कम रही।
  • 1911-21
    के बाद यह पहला दशक है जब हमारी जनसंख्या वृद्धि दर कम रही है।
  • पुरूषो की
    आबादी में
    17 प्रतिशत तथा महिलाओ की आबादी में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  •  इस जनगणना
    में पहली बार किन्नरो (थर्ड जेण्डर) को अन्य श्रेणी में शामिल किया गया।
  •  नागालैण्ड
    देश का एकमात्र राज्य है जिसमें जनसंख्या वृद्धि दर नकारात्मक आई है अर्थात यहां जनसंख्या
    में कमी आई है
    , जबकि पिछले दशक में सबसे ज्यादा जनसंख्या
    वृद्धि दर नागालैण्ड की थी।
  •  भारत में
    सबसे पहले जाति आधारित जनगणना
    1881 में शुरू की गई जिसे 1931 मे समाप्त कर दिया गया था। वर्ष 2011 में इसे पुनः
    मंजूरी दे दी गई।
  • पहली
    जनगणना में कुल
    14 सवाल पुछे गए थे, जबकि
    2011 की जनगणना में 29 सवाल पूछे गए।
  •  2030 मं
    भारत की आबादी
    1 अरब 40 करोड़ के पार होगी
    तथा भारत चीन से आगे होगा।

जनगणना के अन्य
महत्वपूर्ण तथ्य

देश की कुल
जनसंख्या –
1,21,08,54,977

सर्वाधिक नसंख्या sarvadik jangadna 

राज्य जनसंख्या

  • उतर प्रदेश 20 करोड़
  • महाराष्ट्र 11 करोड
  • बिहार 10 करोड

न्यूनतम जनसंख्या

  • सर्वाधिक
    जनसंख्या वाला केन्द्र शासित प्रदेश – 
    दिल्ली
  •  न्यूनतम
    जनसंख्या वाला केन्द्र शासित प्रदेश – 
    लक्ष्यद्वीप
  •  सर्वाधिक
    जनसंख्या वाला जिला
    – थाणे (मुम्बई)
  • न्युनतम
    जनसंख्या वाला जिला
    – दिबोंग घाटी 
    (अरूणाचल
    प्रदेश)
  • सर्वाधिक
    जनसंख्या वाले नगर क्रम से – 
    1 मुम्बई 2 दिल्ली 3 कोलकता
  • सर्वाधिक
    ग्रामीण जनसंख्या
    – उतर प्रदेश
  •  न्यूनतम
    ग्रामीण जनसंख्या
    – सिक्किम
  • सर्वाधिक
    नगरीय जनसंख्या
    – महाराष्ट्र
  • न्यूनतम
    नगरीय जनसंख्या
    – सिक्किम
  •  सर्वाधिक
    ग्रामीण जनसंख्या प्रतिशत
    – हिमाचल
  • न्यूनतम
    ग्रामीण जनसंख्या प्रतिशत
    – गोवा
  • सर्वाधिक
    नगरीय जनसंख्या प्रतिशत
    – गोवा
  •  न्यूनतम
    नगरीय जनसंख्या प्रतिशत
    – हिमाचल
  • 0-6 आयु
    वर्ग सर्वाधिक जनसंख्या
    – उतर प्रदेश
  • 0-6 आयु
    वर्ग न्यूनतम जनसंख्या
    – सिक्किम
  • सर्वाधिक SC
    जनसंख्या – उतर प्रदेश
  • न्यूनतम SCजनसंख्या – मिजोरम  
  • अरूणाचल
    प्रदेश
    , नागालैण्ड, अंडमान निकोबार द्वीप समुह व
    लक्ष्यद्वीप में कोई
    SCनही है।
  • सर्वाधिक STजनसंख्या – मध्यप्रदेश
  •  न्यूनतम STजनसंख्या – दमन व दीव
  •  पंजाब,
    चंडीगढ, हरियाणा, दिल्ली
    व पुडुचेरी में कोई
    STनही है।

जनसंख्या घनत्व jansankya ghanatv

  • 2011 में
    देश का जनसंख्या घनत्व
    382 रहा जो पिछले (325) से 57 अधिक है।
  • सर्वाधिक जनसंख्या
    घनत्व वाले राज्य- 
    बिहार-1106,
    प.बंगाल-1028, केरल-860, उतर 
    प्रदेश-829,
    हरियाणा –573

  • न्यूनतम जनसंख्या
    घनत्व वाले राज्य- 
    अरूणाचल प्रदेश-17,
    मिजोरम-52, सिक्किम-86, 
    मणिपुर-115,
    आंध्र प्रदेश-119

लिंगानुपात linganupat

वार्षिक वृद्धि
दर-
1.7

  • 2011 में
    लिंगानुपात
    943 था जो 2001 की तुलना मे
    10 अधिक है। जो 1961 के बाद सर्वाधिक
    है।
  • जनगणना 2011 में ग्रामीण लिंगानुपात 949 रहा, जिसमे सर्वाधिक केरल व न्यूनतम सिक्किम का रहा।
  • जनगणना 2011 में नगरीय लिंगानुपात 929 रहा, जिसमे सर्वाधिक केरल व न्यूनतम जम्मु कश्मीर का रहा।
  • हरियाणा व
    चण्डीगढ में पिछले
    110 वर्षो में सबसे बेहतर महिला
    लिंगानुपात दर्ज किया गया है
    , जो क्रमशः 879818 है। लेकिन यह अब भी देश में सबसे बदतर है जो
    इस बात का संकेत है कि भ्रूण हत्याएँ अब भी जारी है।
  • बिहार,
    गुजरात व जम्मु कश्मीर में लिंगानुपात में गिरावट आई है।



सर्वाधिक लिंगानुपात
वाले राज्य-

  • केरल-1084
    तमिलनाडू-996 आन्ध्र प्रदेश-993

न्यूनतम लिंगानुपात
वाले राज्य-

  • हरियाणा-879 सिक्किम-882 जम्मु कश्मीर-889
  • सर्वाधिक
    लिंगानुपात वाला केन्द्र शासित प्रदेश
    – 
    पुडुचेरी (1037)
  •  न्यूनतम
    लिंगानुपात वाला केन्द्र शासित प्रदेश
    – 
    दमन व दीव (618)

0-6
वर्षीय आयु वर्ग लिंगानुपात 0-6 varshiya ayu varg linganupat

जनगणना 2011 में लिंगानुपात 919 रहा, जो
पिछले
(927) से 8 कम रहा। यह स्वतंत्र
भारत के बाद सबसे निचला स्तर है।

  • ग्रामीण – 923 शहरी – 905
  • सर्वाधिक –
    आन्ध्रप्रदेश (
    1008)
  • न्यूनतम –
    हरियाणा (
    834)

कार्यशील जनसंख्या karyashil jansankya

  • 2011 में
    देश में कार्यशील जनसंख्या प्रतिशत
    39. 79 रहा।
  •  सर्वाधिक
    कार्यशील जनसंख्या उतर प्रदेश में तथा न्यूनतम कार्यशील जनसंख्या सिक्किम में है।
  •  सर्वाधिक
    कार्यशील जनसंख्या प्रतिशत सिक्किम में तथा न्यूनतम कार्यशील जनसंख्या प्रतिशत उतर
    प्रदेश में है।

साक्षरता sakcharta

जनगणना 2011 के अनुसार भारत में साक्षरता 73 प्रतिशत रही,
जिसमे पिछली बार से 8.2 प्रतिशत वृद्धि दर्ज
की गई।

ग्रामीण साक्षरता
67.8

नगरीय साक्षरता
84.1

पुरूष साक्षरता
80.9 %

महिला साक्षरता
64.6% (ओडिशा की महिला साक्षरता 64 प्रतिशत है जो देश की
महिला साक्षरता के बराबर है।)

कुल साक्षरो में
पुरूष
56.9% व महिलाए 43.1%है।

सर्वाधिक पुरूष
साक्षरता केरल (
96.1%) की है,

जबकि न्यूनतम
पुरूष साक्षरता बिहार (
71.2%) की है।

सर्वाधिक महिला
साक्षरता केरल
(
92.1%) की है,

जबकि न्यूनतम
महिला साक्षरता
बिहार (
51.55%) की है।

र्वाधिक साक्षरता वाले
राज्यो का क्रम
 

  • केरल- (94%)
  • मिजोरम– (91.3%)
  • गोवा– (88.7%)
  • त्रिपुरा- (87.2%)
  • हिमाचल प्रदेश- (82.9%)

न्यूनतम
साक्षरता वाले राज्यो का क्रम 

  • बिहार– (61.8%)
  • अरूणाचल प्रदेश
    (
    65.4%)
  • राजस्थान– (66.1%)
  • झारखण्ड– (66.4%)
  • आन्ध्र प्रदेश– (67%)

सर्वाधिक महिला
साक्षरता के आधार पर राज्य व केन्द्र 
शासित प्रदेशो का
क्रम

  • केरल– (92.1%)
  • मिजोरम– (89.3%)
  • लक्ष्यद्वीप- (87.9%)
  • गोवा– (84.7%)
  • त्रिपुरा– (82.7%)

न्यूनतम महिला
साक्षरता के आधार पर राज्यो का क्रम-

  • बिहार- (51.5%)
  • राजस्थान– (52.1%)
  • झारखण्ड– (55.4%)
  • जम्मु व कश्मीर
    (
    56.4%)
  • उतर प्रदेश– (57.2%)


अन्य महत्वपूर्ण
तथ्य –

  • 2011 में
    भारत की जन्मदर
    21.8%
  • 2011 में
    भारत की मृत्युदर
    7.1%
  • 2011 में
    भारत की शिशु मृत्यु दर
    44
  • 2011 में
    भारत की मातृ मृत्यु दर-
    212

निर्धनता
रिपोर्ट nirdhanta report

सुरेश तेंदुलकर
समिति
द्वारा सुझाए गए फार्मुले के आधार पर निर्धनता रिपोर्ट का निर्धारण किया
जाता है।

सर्वाधिक
निर्धनता अनुपात वाला राज्य छतीसगढ (
39. 93%)
तथा न्यूनतम निर्धनता अनुपात वाला राज्य गोवा 
(5.09%)
है।

सर्वाधिक पिछडा़
राज्य ओडि़शा तथा सर्वाधिक विकसित राज्य गोवा है।




राष्ट्रीय जनसंख्या
रजिस्टर national population ragistar

भारत सरकार ने
पहली बार जनगणना अभियान के दौरान देश के लिए एक राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर तैयार
करने का निर्णय लिया
, जिसका उद्देश्य देश के
सभी नागरिको का व्यक्तिगत ब्यौरा इकट्ठा करके ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रो के
15 वर्ष से अधिक आयु के लोगो के फोटो व हाथो की सभी उंगलीयो व अंगुठे की छाप
लेना है। 

यह रजिस्टर एक व्यापक डाटा बेस तैयार करेगा जिनमें 15 प्रकार प्रश्न होंगे। डाटा बेस के बाद हर भारतीय नागरिक को यूनिक
आइडेन्टिटी नम्बर जारी किया जाएगा। आधार परियोजेजना केन्द्र सरकार ने अनन्य पहचान
संख्या कार्यक्रम का नाम परिवर्तित कर आधार कर दिया है। आधार परियोजना के लोगो में
चमकता पीला सूर्य और बीच मे अंगुलियो के निशान होंगे।

 नागरिक की आधार संख्या जारी
करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की बायोमेट्रीक पहचान ली जाती है। यह परियोजना विश्व
की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी परियोजना है। 

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (uidai) ने आधार कार्ड धारको के डेटा की सुरक्षा के लिए 10 जनवरी 2018 को वर्चुअल आईडी जारी की। यह वर्चुअल
आईडी
16 अंको की एक संख्या है, जिसे आधार
सत्यापन हेतु अस्थाई रूप से प्रयुक्त किया जाता है।

भारत की जनसंख्या
नीति bharat ki jansankya niti

भारत की प्रथम
जनसंख्या नीति
1948 में आई। प्रारम्भ में परिवार
नियोजन पर बल दिया गया। इसके बाद परिवार कल्याण की अवधारणा आई।
1974 में बुखारेस्ट में जनसंख्या पर हुए सम्मेलन के बाद भारत ने 1976 में नई जनसंख्या नीति की घोषणा की जिसमें मात्रात्मक लक्ष्यो को प्राप्त
करने पर अधिक बल दिया गया।

 इस जनसंख्या नीति को ठीक से लागु नही किया जा सका व
इसके विपरित परिणाम सामने आए जिसके मद्देनजर जनसंख्या नियंत्रण के मात्रात्मक के स्थान
पर गुणात्मक पहलू पर जोर दिया गया। पहले मातृत्व व शिशु स्वास्थय कार्यक्रम लागू
किया गया एवं वर्तमान समय में प्रजनन व शिशु स्वास्थ कार्यक्रम चल 
रहा है।

जनसंख्या नीति 2000 jansankya niti 2000

एम. एस.
स्वामीनाथन कमेटी
की रिपोर्ट के आधार पर इस जनसंख्या नीति का निर्माण किया गया है।
इसके लक्ष्यो को तीन चरणो में बांट कर देखा गया है-

(1) तात्कालिक
लक्ष्य:-
इसके अन्तर्गत प्रजनन व शिशु के देखभाल की समुचित व्यवस्था तथा गर्भ निरोधको
व स्वास्थ्य सुविधाओ का बुनियादी ढांचा बनाना प्रमुख लक्ष्य है।

(2) मध्यकालीन
लक्ष्य:-
इसके अन्तर्गत
2010 तक कुल प्रजनन दर को 2.1 के प्रतिस्थापन स्तर पर लाना प्रमुख लक्ष्य रखा गया। इसके तहत विवाह
योग्य आयु बढाना
, पंजीकरण, जच्चा
मृत्यु अनुपात में कमी
, महिला सशक्तिकरण आदि शामिल है।

(3) दीर्घकालीन
लक्ष्य:-
2045 तक स्थिर जनसंख्या की प्राप्ति व जनसंख्या
नियंत्रण के कार्यक्रमो को बढावा देना इसमें शामिल है।





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